देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी से परेशान लोगों को अब राहत मिलने वाली है। भारतीय मौसम विभाग ने 28 मई से कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रहे दबाव के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज हो रही हैं, जिसका असर उत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई इलाकों में देखने को मिलेगा। अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा और कई राज्यों में तेज बारिश लोगों की परेशानी भी बढ़ा सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में 28 मई से लगातार बारिश होने की संभावना है। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
बिहार में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा समेत कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राज्य में तेज बारिश हो सकती है। कई इलाकों में जलजमाव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने के संकेत हैं। पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ते तापमान के बाद अब मौसम करवट ले सकता है। 28 मई से हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश के बाद तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
28 मई से भारी बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में मौसम विभाग की चेतावनी
दक्षिण भारत के राज्यों में भी मानसून पूर्व गतिविधियां तेज हो रही हैं। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के जल्द पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं। तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में अत्यधिक बारिश (Heavy Rain Alert) की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। जिन क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना है वहां फसलों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। खुले खेतों में रखे अनाज और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील की गई है। बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को बारिश के दौरान पेड़ों और खुले मैदानों से दूर रहने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है, जिससे खेती और जलस्तर दोनों को फायदा मिल सकता है। हालांकि शुरुआती बारिश के दौरान कई शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, मोबाइल फोन चार्ज रखने और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।





