केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी चर्चा जारी है। हाल ही में कर्मचारी संगठनों और विभिन्न यूनियनों ने सरकार के सामने वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन सुधार से जुड़ी कई अहम मांगें रखी हैं। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि प्रस्तावित सिफारिशें लागू होती हैं तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।
वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इसे बढ़ाकर 51,000 से 69,000 रुपये तक किया जाए। इसके पीछे मुख्य आधार बढ़ती महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य खर्च में वृद्धि तथा जीवन-यापन की लागत को बताया जा रहा है। कई यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक करने की मांग रखी है।
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था, जबकि अब अलग-अलग कर्मचारी संगठन 3.0 से लेकर 3.83 तक की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार उच्च फिटमेंट फैक्टर (8th Pay Commission Salary Hike) को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 30% से 80% तक की वृद्धि संभव मानी जा रही है।
हाल ही में रेलवे तकनीकी कर्मचारियों के संगठन IRTSA ने 5 अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू करने का सुझाव दिया है। संगठन का कहना है कि सभी कर्मचारियों के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर (What is the minimum basic salary?) लागू करना उचित नहीं होगा, इसलिए अलग-अलग पदों और जिम्मेदारियों के अनुसार वेतन वृद्धि तय की जानी चाहिए। इस प्रस्ताव के अनुसार कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों की सैलरी में 400% तक वृद्धि की संभावना जताई गई है।
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर एक और महत्वपूर्ण मुद्दा पेंशन सुधार का है। कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग भी दोहराई है। इसके अलावा फैमिली पेंशन और मेडिकल भत्तों में भी बढ़ोतरी की मांग की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आयोग पेंशनर्स के लिए नए फिटमेंट फॉर्मूले और महंगाई राहत (DR) पर भी विचार कर रहा है।
सरकार ने अभी तक अंतिम फिटमेंट फैक्टर या वेतन वृद्धि (8th Pay Commission Salary Hike) पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। फिलहाल आयोग विभिन्न राज्यों और कर्मचारी संगठनों से सुझाव जुटा रहा है। जून 2026 में लखनऊ और भुवनेश्वर समेत कई शहरों में आयोग की बैठकें प्रस्तावित हैं, जहां कर्मचारियों और यूनियनों से चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी के साथ-साथ HRA, TA और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि अंतिम फैसला केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। यदि आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू की जाती हैं, तो कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी मिल सकता है।
कुल मिलाकर, 8वां वेतन आयोग लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है। अब सभी की नजर सरकार के अंतिम निर्णय और आयोग की आधिकारिक सिफारिशों पर टिकी हुई है।





